निवेशक बनकर कमाएँ न्यूज पोर्टल से पैसे…

डिजिटल इंडिया की दस्तक से मौजूदा मीडिया पर एक नया संकट पैदा हो चुका है, प्रिंट मीडिया के पास विज्ञापन का संकट है तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पास २४ घंटे चैनल चलाने के लिए खबरों का| इन सब पर वर्तमान में वेब मीडिया भारी होता जा रहा है| Exclusive खबरों तक भी पैठ बनाने वाला वेब मीडिया अब प्रभाव के साथ-साथ  एक उभरता व्यापारिक स्त्रोत बन रहा है | भूमिका में यदि निवेशक की तरह कोई व्यक्ति काम करेगा तो निश्चित तौर पर इसी वेबमिडिया से लाखों रुपये कमाएँगा भी, और खबर की दुनिया में चमकता हुआ सितारा भी बनेगा |

जैसे-जैसे डिजिटल मीडिया की पकड़ भारत के आम जनमानस की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ रही है, वैसे-वैसे वेब मीडिया का स्तर बदलता जा रहा है | जहाँ २००० के दशक में वेब मीडिया की कोई परख नहीं करता था , आज वही वेब मीडिया किसी भी समाचार संस्थान को चलाने के लिए आवश्यक अंग बन चुका है, यहाँ तक क़ि हज़ारों पत्रकार साथियों की अतिरिक्त आय का कारण भी वेब मीडिया ही है |

नौकरियों पर गहराते संकट के समय में वेब पोर्टल ने पत्रकारों के लिए जीविकोपर्जन हेतु गंभीर पहल की है | मामूली से निवेश पर स्वयं का व्यापार शुरू किया जा सकता है | वेब पोर्टल बनाने में १० से २० हज़ार रुपयों का प्रारंभिक निवेश आता है, उसके बाद आप जिन खबरों को संस्थान के लिए लिखते थकते नहीं थे, अब आपने मीडिया संस्थान के लिए लिखना शुरू करना है | स्वयं की लिखी मौलिक खबरों के कारण ही आपके पोर्टल की जनता में पैठ बनेगी और यही आय का कारण भी बनेगा |

गूगल एडसेंस से ६ माह (पोर्टल शुरू करने के ) बाद ही एड मिलना शुरू हो जाते है, जो नियमित आय का एक अच्छा स्त्रोत है| जैसे जैसे आपकी खबरों का दायरा बड़ेगा, आपके पोर्टल के डिजिटल पाठकों की संख्या में भी इज़ाफा होगा , यही डिजिटल पाठकों का वर्ग आपके पोर्टल को गूगल के माध्यम से , निजी विज्ञापनदाताओं के कारण और शासकीय विज्ञापनदाताओं की संख्या बड़ा कर आपकी नियमित आय को अधिक करेगा |

एक निवेशक जब किसी कंपनी या व्यापार में पैसा लगता है तो न केवल को पैसा लगाकर ही लाभ कमाता है , बल्कि उस  व्यापार की उत्तरोत्तर प्रगति का कारक भी बनता है| निवेशक की भूमिका में रह कर कोई भी व्यापार शुरू किया जाता है तो निश्चित तौर पर उस व्यापार से आय भी प्राप्त होती है और जनमानस के बीच पैठ भी बनती है |

 न्यूज पोर्टल व्यवसाय को शुरू करने के लिए आवश्यक अंग:

 १. डोमेन : सबसे पहले हमें एक अच्छा  सा नाम सोचना पड़ता है जो किसी अन्य के द्वारा नहीं लिया गया हो , इसे सर्च करके डोमेन नेम खरीदना होता है | डोमेन नेम से तात्पर्य है, जैसे रहने के लिए एक घर होता है जिसका पता (Address) होता है, उसी तरह इंटरनेट की दुनिया में आपके आइडिया या कंपनी या वेब समाचार संस्थान का नाम लेना होता है

 २. वेब होस्टिंग: जिस तरह से हम किसी समान को रखने के लिए कैरी बेग या बर्तन का इस्तेमाल करते है, उसी तरह इंटरनेट पर अपने वेब पेजेस को रखने के लिए हमे स्पेस ( वेब होस्टिंग) खरीदना होती है|

 ३. न्यूज वेबसाइट डेवलपर: हर व्यक्ति कम्प्यूटर और इंटरनेट द्वारा समझी जाने वाली भाषा का जानकार नहीं हो सकता , इसी लिए आईटी इंजीनियर या कंपनी का चुनाव करना होता है, जो न्यूज पोर्टल को बना कर सर्वर पर चलाए|

 ४. पंजीयन: वैसे तो न्यू मीडिया की वर्तमान में भारत में कोई गाइडलाइन नहीं हैं, किन्तु पीआरबी एक्ट का अनुपालन करते हुए मिनिस्ट्री आफ इन्फार्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग से इसकी मान्यता स्वरूप लेना आवश्यक है |और यदि आप प्रेस कार्ड आदि जारी करना चाहते है तो उसके लिए अलग प्रक्रिया है|

५. विज्ञापन: कोई भी समाचार संस्थान बिना विज्ञापन के नहीं चल सकता,क्योंकि हिन्दुस्तानी अख़बार दुनिया का एकमात्र एसा हसीन प्रोडक्ट है जो अपने लागत मूल्य से भी लगभग ५ से १० गुना कम में बिकता है, तो इसके पीछे कार्य करने वाली शक्ति विज्ञापन है | यदि आपके पास एक अच्छा बिजनेस प्लान है, जिसमे आय के स्त्रोत की गहराई से समावेशता है तो निश्चित तौर पर आपका पोर्टल बेहतर मुकाम हासिल कर सकता है |

कैसे कमाएँगे पैसे :

उपरोक्त सभी प्रक्रियाओं के पालन के बाद न्यूज पोर्टल से पैसे कमाने का कार्य शुरू होता है, वैसे तो न्यूज पोर्टल से पैसे कमाने के लगभग २०० से ज़्यादा तरीके है ( किसी विधा के महारथी के निर्देशन में कार्य करने से सभी तरीकों से पैसा कमाया जा सकता है ) किंतु प्रचलन में लगभग 10 तरीके है जिनसे हर व्यक्ति आसानी से पैसा कमा सकता है |

१. गूगल एडसेंस

२. एफिलेट मार्केटिंग

३. शासकीय विज्ञापन

४. निजी विज्ञापन

५. कास्ट पर क्लिक

६. पेड कंटेंट

७. प्रोडक्ट सेल

७. सर्वे

८. डेटबेस

९. Classified विज्ञापन

१०. डिजिटल पी आर[/